बिल में Additional Security Deposit (ASD) क्या होता है? पूरी जानकारी

पिछले कुछ समय से बिजली बिल में एडिशनल सिक्यूरिटी डिपाजिट (एएसडी) नाम से एक एक्स्ट्रा चार्ज देखने को मिलता है। ऐसा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और कई अन्य राज्य के Electricity Bill में देखा जा रहा है। Bill में ASD नाम से अतिरिक्त शुल्क देखकर बिजली उपभोक्ता घबरा जाते है क्योंकि इससे उनका बिल बढ़ जाता है। आखिर ये Additional Security Deposit क्या होता है? UPPCL, UHBVN, BEST, CSPDCL, BESCOM और अन्य देश की बिजली कंपनियां अपने बिजली उपभोक्ताओं के बिल में इस एक्स्ट्रा चार्ज को क्यों लगानी लगी है? ASD से संबधित ऐसे सभी सवालो के जवाब हम इस आर्टिकल में देंगे।

टेक्नोलॉजी के विकास के बाद जिस तरह नया इलेक्ट्रिक उपकरण बाजार में आ रहे है, उनका इस्तेमाल भी हमारे घरो में बढ़ता जा रहा है। जिसका असर सीधा हमारे बिजली बिल पर पड़ता है। खासकर के माध्यम वर्गीय परिवार के लिए इलेक्ट्रिसिटी बिल उनके बजट का एक महतवपूर्ण हिस्सा होता है। और जब उनकी मासिक खपत के अलावा भी कोई एक्स्ट्रा चार्ज उनके बिल में उन्हें दिखता है तो उनका चिंतित होना स्वाभाविक है। पिछले कुछ समय से ASD नाम से एक Extra Charge Bill में आने लगा है तो उनके मन में इस एडिशनल सिक्यूरिटी डिपाजिट से जुड़े कई सवाल मन में आते है जिनका जवाब आप आगे सरल भाषा में जानेंगे।

Additional Security Deposit (ASD) in Electricity Bill

Bill ASD Additional Security Deposit
Additional Security Deposit

जब हम नया बिजली कनेक्शन लेते है तो हमें उसके लिए एक Security Deposit देने पड़ता है। ये सिक्यूरिटी डिपाजिट हमें बिजली कनेक्शन बंद कराने के बाद वापिस मिल जाता है। ये सिक्यूरिटी डिपाजिट बिजली कंपनिया अपने हर उपभोक्ता से New Connection पर लेती है। ASD नाम से जो आजकल Electricity Bill में जुड़कर आ रहा है वो भी एक Security Deposit ही है जिसे बिजली कंपनियां पुराने उपभोक्ताओं से लेते है। ये Additional Security Deposit भी उपभोक्ताओं को कनेक्शन बंद कराने के समय वापिस कर दिया जाएगा।

आप ये तो समझ गए होंगे की ये Additional Security Deposit का मतलब क्या होता है। पर अब सवाल आता है ये सिक्यूरिटी डिपाजिट अब बिल में जुड़कर क्यों आने लगा है? किसके Electricity Bill में कितना ASD Add होगा ये कैसे निर्धारित किया जाता है? और कब तक और कितनी बार एएसडी बिल में जुड़कर आता रहेगा? चलिए आगे डिटेल में इन सवालो के जवाब भी जानते है।

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एडिशनल सिक्यूरिटी डिपाजिट (एएसडी) क्यों लगता है?

इंडिया में बिजली कनेक्शन 2 प्रकार के होते है पोस्टपेड और प्रीपेड कनेक्शन। ASD केवल Postpaid Electricity Connection के लिए ही लिया जाता है। Postpaid Connection में हम पहले बिजली इस्तेमाल करते है, उसके बाद हमें बिजली बिल मिलता है। इस समय भारत में अधिकतर पोस्टपेड बिजली कनेक्शन है। इसलिए उन्हें इलेक्ट्रिसिटी बिल में एएसडी चार्ज जुड़कर मिल रहा है।

बिजली कंपनिया जब नए कनेक्शन के समय Security Deposit लेते है तो ये अलग से ASD लेने का क्या मतलब बनता है? ये सवाल बहुत से उपभोक्ता आजकल पूछ रहे है। दोस्तों बिजली के दाम समय के साथ बढ़ते रहते है और इलेक्ट्रिक उपकरण भी बढ़ते जा रहे है जिसके बढ़ते इस्तेमाल से अब उपभोक्ताओं का बिल भी बढ़ता जा रहा है। इसलिए बिजली कंपनिया सिक्यूरिटी डिपाजिट बढाने के लिए Advance Security Deposit Charge के जरिए बिजली उपभोक्ताओं का डिपाजिट बढ़ा रही है।

ASD एक Security Deposit है तो ये आपको Connection बंद करवाने के समय वापिस मिल जाता है। हालाँकि ऐसा बहुत कम होता है जब कोई उपभोक्ता कनेक्शन बन करवाए, इसलिए हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और भारत के कई अन्य राज्यों में एएसडी चार्ज के खिलाफ प्रोटेस्ट भी हो रहे है।

Electricity Bill में कितना ASD कैसे और कितना जुड़कर आता है?

बिजली के बिल में एडवांस सिक्यूरिटी डिपाजिट कैसे जुड़कर आता है? ये सवाल आजकल इसलिए जायदा खोजा जा रहा है क्योंकि ये Security Deposit सभी उपभोक्ताओं के Bill में एक सामान जुड़कर नहीं आ रहा। किसी के बिल में ये 100 रूपए होता है तो किसी के में ये 500-600 रूपए भी हो सकता है। दोस्तों आपके बिल में एएसडी चार्ज कितना होगा ये आपके पिछले महीनो के बिलों पर निर्भर करता है।

आपके अंतिम 12 महीनो का जो बिजली का बिल आया है उसका औसतन के हिसाब से 45 दिन का जितनी बिल राशि आपकी होगी, उसके आधार पर आपसे Additional Security Deposit लिया जाएगा। Electricity Connection के समय लिया गया Security Deposit अगर इस 45 दिन के औसतम बिल से जितना कम होगा उतना आपसे ASD लिया जाएगा जो उस साल के बिलों में जुड़कर आएगा। सरल भाषा में समझने के लिए नीचे देखे।

  • ASD (Additional security deposit) = 45 दिनों का औसत बिल – बेसिक सिक्यूरिटी डिपाजिट

इस तरह से कोई भी Electricity Consumer अपना ASD Calculate कर सकता है। बस उन्हें अपने अंतिम 12 महीनो के बिलों और शुरुआत में दिया सिक्यूरिटी डिपाजिट राशि का पता होना चाहिए, जिससे बड़ी आसानी से उन्हें ये पता चल जाएगा ये एडवांस सिक्यूरिटी डिपाजिट कितना उनके बिल में जुड़कर आएगा या इतना क्यों आ रहा है।

दोस्तों आज आपने जाना Advance Security Deposit (ASD) क्या होता है? हम उम्मीद करते है आपको इस विषय से संबधित पूरी जानकारी मिल गई होगी। बिजली बिल में जुड़कर आने वाले एएसडी से जुड़े अन्य सवाल आप कमेंट्स के जरिए हमसे पूछ सकते है।

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About Bijli Bill Help

दोस्तों, हम काफी समय से बिजली बिल और विद्युत विभाग से संबधित कार्य कर रहे है। इस ब्लॉग के माध्यम से हम भारत के सभी राज्यों के लोगो तक बिजली बिल और इलेक्ट्रिसिटी से संबधित जानकारी शेयर करना है, जिससे उन्हें सही जानकारी ऑनलाइन मिल सके।

5 thoughts on “बिल में Additional Security Deposit (ASD) क्या होता है? पूरी जानकारी”

  1. एक बार पूर्ण रूप से जमा करने के बाद भी प्रत्येक बिल में जुड़ कर आएगा ।

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  2. ये तो टोटल गलत है, कंपनी को हम जितना भी रीडिंग आता है उतना बिल देते है, पहले से ही एडवांस सिक्यूरिटी मनी जमा की हुई है, फिर भी आम जनता को इस तरह से परेशां किया जा रहा है,

    क्या आप हमें बता सकते है की इसके लिए हम किस कोर्ट में आवेदन कर सकते है,

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  3. अधिकतर किराये दार को बिजली बिल भरता है जो की सेक्युरिटी का पैसा तो मकान मालिक को मिलता है तो किराये दार को छुट देना चाहिए

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