Prepaid Smart Meter क्या है? स्मार्ट बिजली मीटर के फायदे नुकसान

भारत में इलेक्ट्रिसिटी बिल कितना आता है वो निर्भर करता है बिजली के मीटर में दर्ज हुई रीडिंग पर। ये रीडिंग यूनिट के रूप में दर्ज होती है। पिछले कुछ समय से स्मार्ट मीटर की काफी बात हो रही है जिससे लोगो में मन में काफी जिज्ञासा है की आखिर ये Smart Meter होते क्या है ये कैसे काम करते है और इनके लगने से बिजली के बिल पर क्या असर होगा और क्या Electricity Smart Meter में Recharge करवाना होता है। आज हम आपको प्रीपेड और पोस्टपेड स्मार्ट मीटर से जुडी ऐसी सभी जानकारी देंगे।

इंडिया में बिजली विभाग ने पिछले कुछ सालो में कई तरह के Electricity Meter बदले है जिनका उद्देश्य बिजली चोरी रोकने के साथ में पुख्ता बिजली खपत रिपोर्ट दर्ज करना होता था। भारत की वित मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022 बजट पेश करते हुए ये घोषणा की थी की 2025 तक भारत मे सभी पुराने बिजली मीटर को बदलकर स्मार्ट मीटर लगा दिए जाएंगे।

ये स्मार्ट मीटर बिजली उपभोक्ताओं के लिए काफी सुविधाजनक साबित होंगे। ये सभी इलेक्ट्रिसिटी मीटर प्रीपेड होंगे जिसका मतलब बिजली इस्तेमाल करने के लिए इलेक्ट्रिसिटी रिचार्ज करने होंगे। देश के कई बड़े शहरो में Smart Meter लगने की शुरुआत हो चुकी है। चलिए आगे इन स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, फायदे और नुकसान के बारे में बात करते है।

स्मार्ट मीटर क्या होते है – What is Smart Meter in Hindi

Prepaid Smart Meter प्रीपेड पोस्टपेड स्मार्ट बिजली मीटर
Smart Electricity Meter

Smart Meter एक ऐसे Electrical Device है जिसे बिजली उपभोक्ताओं के निवास स्थान पर लगाया जाएगा। इस स्मार्ट मीटर में बिजली उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल की गयी बिजली खपत रिकॉर्ड होती रहती है। ये मीटर इंटरनेट के जरिये बिजली विभाग से जुड़ा होता है जिससे उन्हें वही से हमारी बिजली खपत और अन्य जानकारी मिलती रहती है। स्मार्ट मीटर में अगर कोई छेड़छाड़ भी करता है तो उसका सिगनल बिजली विभाग तक पहुच जाएगा। इससे बिजली चोरी की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

बिजली का स्मार्ट मीटर 2 प्रकार का होता है पहला Prepaid Smart Meter और Postpaid Smart Meter. प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बिजली इस्तेमाल करने के लिए हमें पहले Recharge करना होगा। जितने पैसे का हम रिचार्ज करेंगे उतने पैसो की बिजली ही हमें इस्तेमाल के लिए मिलेगी। रिचार्ज के पैसे ख़त्म होने के बाद बिजली अपने आप बंद हो जाया करेगी। जिस तरह हम Mobile Recharge करते है उसी तरह Electricity Recharge भी किया जा सकता है।

Postpaid Smart Meter में पहले से Recharge करने की जरुरत नहीं है। हम जो भी इलेक्ट्रिसिटी अपने घर या दूकान में इस्तेमाल किया करेंगे वो इस मीटर में यूनिट के रूप में दर्ज होती रहेगी। इस बिजली खपत का बिल एक निश्चित समय बाद हमें जमा करना होगा। क्योंकि ये स्मार्ट मीटर भी इंटरनेट के जरिये विद्युत विभाग से जुड़ा है तो उन्हें बिजली खपत की जानकारी विभाग में ही मिल जाती है जिससे उन्हें मीटर के पास आकर रीडिंग दर्ज करने की जरुरत नहीं पड़ती।

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India में कौन से Smart Meter लगेंगे

भारत में कौन से स्मार्ट मीटर लग रहे है या लगाए जाएँगे? ये एक कॉमन सवाल है जो बिजली उपभोक्ता हमसे पूछते रहते है। दोस्तों भारत में Prepaid Smart Meter लगाए जा रहे है। भारत सरकार ने 2025 तक पुरे भारत में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है। यानी स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली पाने के लिए पहले हमें रिचार्ज करना होगा, उसके बाद ही हम बिजली इस्तेमाल कर पाएँगे।

किस कंपनी का स्मार्ट मीटर हमारे घर में लगेगा ये विकल्प हमें मिलेगा। हम दिए गए कंपनी विकल्पों में से अपने पसंद की Company का Smart Meter लगवा सकते है। भारत में प्रीपेड स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे है तो हम आगे इन्ही के बारे में बाद करेंगे।

Prepaid Smart Meter के फायदे

  • स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद बिजली उपभोक्ताओं के उपर बिल बकाया नहीं रहा करेगा। जितने का वो बिजली रिचार्ज कराएँगे, उतनी ही इलेक्ट्रिसिटी वो इस्तेमाल कर पाएँगे।
  • ये मीटर इंटरनेट के जरिये इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट से जुड़े होते है इसलिए किसी भी तरह की मीटर में छेडछाड होते ही उनके पास सिग्नल पहुच जाएगा।
  • Smart Meter लगने के बाद आपको अपनी बिजली खपत की जानकारी मिलती रहेगी। आप किसी भी समय अपना Electricity Uses और Balance Check कर सकेंगे।
  • नार्मल बिजली के मीटर में गलत रीडिंग लेने की संभावना भी रहती है जिससे कई बार गलत बिजली का बिल भी हमें भुगतान कर पड़ जाता था। जिसकी शिकायत के बाद ही बिल ठीक हो पाता था। Smart Meter से अब उस समस्या से भी छुटकारा मिल जाता है। बिजली खपत, रिचार्ज और बैलेंस की जानकारी आप किसी भी समय देख पाएँगे।
  • अब बिजली का बिल तैयार करने के लिए ना तो मीटर के पास आकर रीडिंग लेनी पड़ेगी और ना ही हमें बिल भुगतान के लिए बिजली दफ्तरों के चक्कर ही लगाने होंगे। मोबाइल रिचार्ज की तरह रिचार्ज करना है और बिजली 24 घंटे के अंदर ही बिजली शुरू हो जाएगी।
  • Smart Meter में Prepaid Recharge फीचर की वजह से बिजली बचाने में भी मदद मिलेगी। जितने का रिचार्ज किया जाएगा उतनी ही बिजली मिलेगी।
  • स्मार्ट मीटर में Alarm फीचर भी आपको मिल जाता है। जब आपके मीटर पर अधिक लोड होगा तब ये अलार्म के जरिये आपको पता लग जाएगा, जिससे आप लोड को कम कर सकते है। इसके अलावा Balance कम होने पर भी अलार्म के जरिए आपको पता लग जाएगा।

प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर के नुकसान

Smart Meter के फायदे तो उपर आपने जान लिए, अब बात करते है इसके नुकसान के बारे में। दोस्तों इंडिया में लगाए जाने वाले अधिकतर स्मार्ट मीटर प्रीपेड है तो बिजली इस्तेमाल करने से पहले ही आपको रिचार्ज कराना आवश्यक होगा। जितने पैसे आप अपने Electricity Account में डलवाते है उतने पैसो की ही बिजली आप इस्तेमाल कर पाएँगे। जिससे पैसे ख़त्म होते ही अपने आप बिजली बंद हो जाएगी। अगर किसी समय आपके पास पैसे नहीं है और रिचार्ज ख़त्म हो गया है तो ऐसे में बिना बिजली के ही आपको रहना होगा। ये एक बड़ा नुकसान इन स्मार्ट मीटर का होगा।

नार्मल बिजली के मीटर में बिजली इस्तेमाल करने के 1 या 2 महीने बाद बिजली का बिल आता है जिसके भुगतान के लिए भी हमें समय सीमा मिलती है। किसी महीने आपके पास पैसे नहीं है तो जुर्माने के साथ आप वो बिल अगले महीने भी भर सकते है। पर Prepaid Smart Meter में आपको पहले ही पैसे रिचार्ज के रूप में अकाउंट में डलवाने होते है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगो के लिए बड़ी परेशानी हो सकती है।

दोस्तों हम आशा करते है आपको इस आर्टिकल Prepaid Smart Meter क्या है, स्मार्ट मीटर के फायदे नुकसान? में दी गई जानकारी आपको फायदेमंद लगी होगी। स्मार्ट मीटर से संबधित कोई और सवाल कमेंट्स में लिखकर हमसे पूछ सकते है।

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